2020 एक रोलरकोस्टर राइड
2020 अभी खत्म होने को ही है ,यह साल एक सीधा साधा साल नहीं था यह निरंतर हमें बता रहा था कि हमें जड़ नहीं रहना है , साल की शुरुआत से ही हम देख रहे हैं कि देश महामारी का सामना कर रहा है और वहीं से शुरू होता है सरकार और तथिकथित मीडिया का विघटन , जहां शुरुआती दौर में ही सरकार और मीडिया सारी नाकामियों का ठीकरा मरकज और खास धर्म के लोगों के मथे गढ़ रही थी , और साल के मध्य में अचानक देश के अभिनेता , अवसाद के चलते आत्महत्या कर लेते हैं और वहां से शुरू होता है राजकिय एवं केन्द्रीय स्तर की राजनीति एवं मीडिया का विभत्स तांडव मीडिया ने यहां साबित करने की कोशिश की हम सबसे ज्यादा गिरे हुए है वहीं राजनेताओं ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी , बिहार के चुनाव नजदीक थे तो अभिनेता की मौत की जांच cbi कौ सौंपी गई , खैर इसमैं भी उन्हें कुछ खास मिला नहीं और इसी वक्त के दौरान सरकार ने लिया कड़ा और मुश्किल फैसला , किसानों की आमदनी को दुगना करने का , संसद का ग्रीष्म कालीन सत्र ,कोरोना के कारण स्थगित था तो सरकार ने सोचा यह कानून बहुत ज्यादा जरूरी है और इतने जरूरी है कि इन्हें अभी पास किया जाना ...