पापा, ऐसा वर तलाशो…
पापा, ऐसा वर तलाशो
जो मेरी हँसी को ज़िम्मेदारी न माने,
मेरे सपनों को बोझ नहीं,
मेरी उड़ान को अपना गौरव जाने।
जो ऊँची आवाज़ से नहीं,
ऊँचे विचारों से बात करे,
मेरी ख़ामोशी भी समझे,
और मेरी बातों का सम्मान करे।
जो मेरे काम से डरे नहीं,
मेरी कामयाबी से जले नहीं,
मेरे आगे बढ़ने में साथ चले,
मेरे पीछे चलने से हिचके नहीं।
जो “इजाज़त” नहीं,
“साथ” दे—
जो मेरा नाम पहचान बने,
ना कि मेरी पहचान छीन ले।
पापा, ऐसा वर तलाशो
जो आपकी परवरिश का मान रखे,
जो बेटी नहीं,
एक इंसान से प्यार रखे।
क्योंकि आपने मुझे
हिम्मत से जीना सिखाया है,
अब बस ऐसा साथी चाहिए
जिसने प्यार निभाना सिखाया हो।
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